इतिहास (History) के अंतर्गत हम जिस विषय का अध्ययन करते हैं; उसमें अब तक घटित घटनाओं या उससे संबंध रखनेवाली घटनाओं का कालक्रमानुसार वर्णन होता है; दूसरे शब्दों में मानव की विशिष्ट घटनाओं का नाम ही इतिहास है।

यह शब्द यूनानी / ग्रीक भाषा के शब्द HISTORIA से बना है जिसका मतलब होता है – छानबीन करके या खोजबीन करके जो भी जानकारी प्राप्त होती है उसे ही ग्रीक भाषा में हिस्टोरिया कहा जाता है। सबसे पहले हेरोडोटस नाम के यूनानी ही व्यक्ति ने हिस्टोरिका नामक पुस्तक लिखकर अतीत में हुई घटनाओँ की जानकारी दी।

इस पृष्ठ में आप पायेंगे भारत और विश्व का इतिहास (Indian History) के नोट्स, जो कि हिन्दी में हैं; ये सभी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहद उपयोगी हैं। अगर आप प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे; UPSC Exam, UPPSC, SSC CGL इत्यादि का तैयारी कर रहे रहे तो आप इस केटेगरी को विजिट करते रहे।

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प्राचीन भारत का इतिहास | मध्यकालीन भारत का इतिहास | आधुनिक भारत का इतिहास | स्वाधीनता संग्राम | विश्व का इतिहास | आज का इतिहास

सपफ्रेज मूवमेंट (महिला मताधिकार आंदोलन)

सपफ्रेज मूवमेंट (महिला मताधिकार आंदोलन): आजकल कोई भी सरकार अपने आपको तब तक लोकतांत्रिक नहीं कह सकती; जब तक वह देश के सभी वयस्क नागरिकों को वोट देने का अधिकार…

प्राचीन भारतीय इतिहास के पुरातात्विक स्रोत

प्राचीन भारतीय इतिहास के पुरातात्विक स्रोत पुरातात्विक स्रोत ने हमारे अतीत के बारे में हमारे ज्ञान को बढ़ाया और महत्वपूर्ण सामग्री भी प्रदान की; जिसे हम अन्यथा प्राप्त नहीं कर…

प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत

प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत साहित्यिक और पुरातात्विक रिकॉर्ड दो मुख्य श्रेणियां हैं जो प्राचीन भारतीय इतिहास का प्रमाण देती हैं।साहित्यिक स्रोत में वैदिक, संस्कृत, पाली, प्राकृत और अन्य विदेशी…

इतिहास का मार्क्सवादी स्कूल

20 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में इतिहास लेखन का मार्क्सवादी स्कूल महत्वपूर्ण था। वे सार्वभौमिक कानूनों और इतिहास के चरणों में विश्वास करते हैं। इतिहास के चरण मार्क्सवादी, आगे मानते…

प्राचीन भारतीय इतिहास में भारतीय इतिहासकार की भूमिका

19 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में, कुछ प्रख्यात भारतीय विद्वान (भारतीय इतिहासकार) थे; जिन्होंने भारतीय दृष्टिकोण के साथ भारतीय इतिहास का अध्ययन और शोध किया। भारतीय इतिहासकार (Nationalist intellectual) भारतीय…

भारतीय दर्शन की 11 प्रमुख उपनिषदों

उपनिषदों वैदिक साहित्य में वैदिक ऋषियों के दर्शन में अंतिम वास्तविकता की प्रकृति, निर्माण की प्रक्रिया, स्वयं की प्रकृति और परम वास्तविकता के साथ इसका संबंध; जीवन का उच्चतम मूल्य…

साम्राज्यवादी बुद्धिजीवी के कार्यों का वर्णन

साम्राज्यवादी बुद्धिजीवी द्वारा लेखन ज्यादातर धार्मिक विश्वास और राष्ट्रीयता पर समकालीन बहस को प्रतिबिंबित कर रहा था और आर्थिक शोषण के लिए यूरोपीय उपनिवेशों को बढ़ाने में उनके हितों को…

प्राचीन भारतीय इतिहास का लेखन

प्राचीन भारतीय इतिहास लेखन; चौथी शताब्दी ईसा पूर्व के दौरान, कौटिल्य ने अपनी पुस्तक 'अर्थशास्त्री' में राजा को इतिहास के आख्यानों को सुनने के लिए कुछ समय समर्पित करने की…