अनुच्छेद- 84 | भारत का संविधान

अनुच्छेद 84 (Article 84 in Hindi) – संसद‌ की सदस्यता के लिए अर्हता

कोई व्यक्ति संसद‌ के किसी स्थान को भरने के लिए चुने जाने के लिए अर्हित तभी होगा जब—

(क) वह भारत का नागरिक है और निर्वाचन आयोग द्वारा इस निमित्त प्राधिकृत किसी व्यक्ति के समक्ष तीसरी अनुसूची में इस प्रयोजन के लिए दिए गए प्रारूप के अनुसार शपथ लेता है या प्रतिज्ञान करता है और उस पर अपने हस्ताक्षर करता है;]*

(ख) वह राज्य सभा में स्थान के लिए कम से कम तीस वर्ष की आयु का और लोकसभा में स्थान के लिए कम से कम पच्चीस वर्ष की आयु का है; और

(ग) उसके पास ऐसी अन्य अर्हताएँ हैं जो संसद‌ द्वारा बनाई गई किसी विधि द्वारा या उसके अधीन इस निमित्त विहित की जाएँ।

अनुच्छेद 84 (Article 84 in Hindi)

अनुच्छेद 84 (Article 84 in Hindi) के अनुसार, संसद‌ की सदस्य चुने जाने के लिए योग्यता से सम्बंधित है।

राज्यसभा

वह भारत का नागरिक होना चाहिये और उसकी आयु कम से कम 30 वर्ष होनी चाहिये।

  • उसे यह कहते हुए शपथ या प्रतिज्ञान करना चाहिये कि वह भारत के संविधान के प्रति सच्ची आस्था और निष्ठा रखेगा।
  • कोई भी भारतीय नागरिक किसी भी राज्यसभा का चुनाव लड़ सकता है; चाहे वह किसी भी अन्य राज्य में रहता हो।

लोकसभा

उसकी आयु 25 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिये।

  • उसे शपथ या प्रतिज्ञान के माध्यम से घोषित करना चाहिये कि वह संविधान के प्रति सच्चा विश्वास और निष्ठा रखता है तथा भारत की संप्रभुता और अखंडता को बनाए रखेगा।
  • उसके पास ऐसी अन्य योग्यताएँ होनी चाहिये जो संसद ने कानून द्वारा निर्धारित की हैं; और उसे भारत के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत होना चाहिये।

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