अनुच्छेद 2 – नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना

संविधान के अनुच्छेद-2 में संसद को यह अधिकार प्रदान किया गया है कि वह नये राज्यों के भारत संघ में प्रवेश या उनके गठन को विधि द्वारा स्वीकार कर सकती है

TD Desk

अनुच्छेद-2 (Article-2) : नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना

संसद, विधि द्वारा, ऐसे निबंधनों और शर्तों पर, जो वह ठीक समझे, संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना कर सकेगी।

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सिक्किम को संविधान (छत्तीसवां संशोधन) अधिनियम, 1975 की धारा 5 द्वारा भारत में समिल्लित में समिल्लित किया गया।

सिक्किम को भारत संघ में 16 May, 1975 शामिल किया गया।

व्याख्या

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संविधान के अनुच्छेद-2 में संसद को यह अधिकार प्रदान किया गया है कि वह नये राज्यों के भारत संघ में प्रवेश या उनके गठन को विधि द्वारा स्वीकार कर सकती है, और यह शर्तें और निबंधन संसद अपनी समझ के अनुसार निर्धारित कर सकती है। इस अनुच्छेद के तहत संसद को दो प्रमुख शक्तियाँ दी गई हैं:

  1. नये राज्यों का संघ में प्रवेश: यह शक्ति उन राज्यों को संघ में शामिल करने के संदर्भ में है जो पहले से अस्तित्व में हैं, लेकिन भारतीय संघ का हिस्सा नहीं थे। इसका मतलब यह है कि संसद उन राज्यों को भारतीय संघ में सम्मिलित करने के लिए कानून बना सकती है, जो कभी भारतीय संघ का हिस्सा नहीं थे।
  2. नये राज्यों का गठन: यह शक्ति उन नए राज्यों के गठन से संबंधित है जो पहले अस्तित्व में नहीं थे। संसद को यह अधिकार है कि वह नये राज्यों को संविधान में शामिल कर उन्हें भारत के संघ का हिस्सा बना सकती है।

इस प्रकार, अनुच्छेद 2 संसद को भारतीय संघ में उन राज्यों के प्रवेश एवं गठन की अनुमति देने का अधिकार प्रदान करता है जो पहले भारतीय संघ का हिस्सा नहीं थे या अस्तित्व में नहीं थे। यह संविधान के लिए एक लचीला प्रावधान है, जो समय-समय पर नए राज्यों के गठन और उन्हें भारतीय संघ में सम्मिलित करने की प्रक्रिया को सक्षम बनाता है।

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Source : – भारत का संविधान

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