परिणामवाचक क्रिया-विशेषण क्या है? इसके अर्थ और उदाहरण

Gulshan Kumar

परिणामवाचक क्रिया-विशेषण क्या है?- परिणामवाचक क्रिया-विशेषण (Adverb of Result) वे क्रिया-विशेषण शब्द होते हैं, जिनसे हमें क्रिया के परिमाण, संख्या या मात्रा की विशेषता के बारे में पता चलता है। हिन्दी व्याकरण में क्रिया विशेषण के चार प्रमुख भेद होते हैं- स्थानवाचक क्रिया-विशेषण, कालवाचक क्रिया-विशेषण, परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण, और रीतिवाचक क्रिया-विशेषण। हम परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण की परिभाषा एवं अर्थ और उनके उदाहरण आदि पढ़ेंगे।

परिणामवाचक क्रिया-विशेषण क्या है? (Adverb of Result)

परिमाण वाचक क्रिया विशेषण वे होते हैं जिन क्रिया-विशेषण शब्दों से क्रिया के परिमाण अथवा मात्रा से सम्बंधित विशेषता का ज्ञान हो, उन्हें “परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण” कहते है। अर्थात, जो शब्द क्रिया के परिमाण (नाप या तोल आदि) को बतलाते हैं, वे “परिमाणवाचक क्रियाविशेषण” कहलाते हैं; जैसे-

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  • दिल्ली में उसने केवल कुतुबमीनार देखा।– इस वाक्य में “केवल” शब्द परिमाणवाचक क्रियाविशेषण है।
  • वह बहुत खाता है।– इस वाक्य में “बहुत” शब्द परिमाणवाचक क्रियाविशेषण है।

इसी प्रकार “अधिक, अधिकाधिक, इतना, उतना, एक-एक करके, काफ़ी, कितना, कुछ, केवल, तिल-तिल, थोड़ा, थोड़ा-थोड़ा, पूर्णतया, बहुत, यथेष्ट, सर्वथा” आदि शब्द भी परिमाणवाचक क्रियाविशेषण हैं।

परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण के उदाहरण:-

  • उसने लगभग पूरी पहेली पूरी कर ली।
  • कमरा पूरी तरह से नीले रंग से सजाया गया था।
  • सूप तुरंत खाने के लिए बहुत गर्म था।
  • उसने अपना होमवर्क केवल आंशिक रूप से पूरा किया।
  • कार्य समय पर पूर्णतः समाप्त हो गया।

इन वाक्यों में क्रमशः “लगभग, पूरी तरह से, बहुत, आंशिक रूप से, पूर्णतः” आदि शब्द परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण के उदाहरण हैं।

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परिमाणवाचक क्रियाविशेषण के अर्थ (Adverb of Result)

परिमाणवाचक क्रियाविशेषणअर्थ
किञ्चित्थोडा
यावत्जितना
तावत्उतना
न्यूनतम्थोडा
प्रकामम्अधिक
सामिआधा-आधी
नानाअनेक
ईषत्थोडा / कुछ
अलम्पर्याप्त / बेकार
केवलम्केवल
क्रतम्बस / काफी
भ्रशम्अधिकाधिक

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